हम ईश्वर की कृपा में विश्वास रखते हैं |
भगवान को बुद्धि के माध्यम से महसूस नहीं किया जा सकता है। बुद्धि से कर सकते हैं एक निश्चित सीमा तक परंतु उसके आगे नहीं। यह आस्था का विषय है और उस आस्था के विश्वास से प्राप्त अनुभव हैं।
हमसे जुड़े।भगवान को बुद्धि के माध्यम से महसूस नहीं किया जा सकता है। बुद्धि से कर सकते हैं एक निश्चित सीमा तक परंतु उसके आगे नहीं। यह आस्था का विषय है और उस आस्था के विश्वास से प्राप्त अनुभव हैं।
हमसे जुड़े।भगवान को बुद्धि के माध्यम से महसूस नहीं किया जा सकता है। बुद्धि से कर सकते हैं एक निश्चित सीमा तक परंतु उसके आगे नहीं। यह आस्था का विषय है और उस आस्था के विश्वास से प्राप्त अनुभव हैं।
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हमसे जुड़े।हमारे श्री शिव मंदिर की स्थापना सन 1963, 181 केवल पार्क,आज़ाद पुर दिल्ली (110033) में हुई।
श्री शिव मंदिर की भूमि का अधिग्रहण का कार्य इन पांच सदस्यों के कर कलमों द्वारा किया गया एवं उनके नाम इस प्रकार हैं।
श्री शिव मंदिर की स्थापना एवं समिति का गठन का शुभ कार्य हमारे समाज के कुछ सज्जन व्यक्त्तियो द्वारा किया गया था। उनके नाम इस प्रकार हैं।
तत्पश्चात शिव मंदिर का पुनः निर्माण में मूर्ति स्थापना एव भव्य प्राण प्रतिष्ठा का शुभ कार्य दिनांक 10 अक्टूबर , 1997 को श्री अहरवर क्षत्रिय महासभा (रजि० 1940) के समाज कार्य करणियो द्वारा किया गया था|
श्रीमती एवं श्री तोता राम
श्रीमती एवं श्री चन्द्रभान जी
सुपुत्र स्व० श्री सीता राम जी
(शोरा कोठी,घंटा घर,दिल्ली -7)
श्रीमती एवं श्री शिव नारायण बंसल
सुपुत्र एवं स्व० श्री गोपी राम बंसल
(मजलिस पार्क ,दिल्ली-33)
श्रीमती एवं स्व० श्री जय किशन जी
श्रीमती एवं श्री नरेंद्र कुमार
(गुप्ता कॉलोनी, दिल्ली-7)
श्रीमती एवं श्री सत्यप्रकाश गुप्ता
सुपुत्र श्री शीश राम गुप्ता
(मजलिस पार्क ,दिल्ली-33)
श्रीमती एवं श्री लक्ष्मण सिंह
सुपुत्र स्व० श्रीमती द्रौपती देवी w/o स्व० श्री झम्मन लाल जी
(शोरा कोठी,घंटा घर,दिल्ली -7)
स्थापना
किसी भी कार्य को सम्पूर्ण करने के लिए अपनों का साथ होना ज़रूरी होता हैं| हम सभी इसी विचारधार को साक्षी मान कर अपने समाज के लिए नि: स्वार्थ भाव से कार्य करते हैं